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मिलेट्स क्या हैं? !! स्वास्थ्य और पोषण का खजाना !!

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Millets

आजकल स्वास्थ्य मुख्य मुद्दा बन चुका है, और यह सभी के लिए महत्वपूर्ण है। अच्छे स्वास्थ्य का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है आपका आहार। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अपने आहार में अनूपचारिक अनाज का उपयोग करके आप अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं?

आइए, हम मिलेट्स के बारे में जानते हैं, जिन्हें ‘सुपर ग्रेन्स’ के रूप में जाना जाता है| संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2023 को ‘अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। आखिर मिलेट क्या होता है और इसे खाने के क्या है फायदे हैं, यह कौन कौन से रोग दूर भगा सकता है, और इनके सेवन से हमारे स्वास्थ्य को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है।

What are Millets? (मिलेट्स क्या हैं?)
मिलेट्स एक प्रकार के अनाज होते हैं जो कि गेहूं, चावल, और जौ के समान होते हैं, लेकिन इनमें अन्य अनूपचारिक अनाजों के मुकाबले अधिक पोषण और स्वास्थ्य लाभ होते हैं। विशेष रूप से भारतीय उपमहाद्वीप में मिलेट्स की कृषि बड़े पैमाने पर की जाती है, और यहाँ पर इसके कई प्रकार होते हैं|
मिलेट्स को मोटा अनाज या मूल अनाज भी कहते हैं| यह 2 प्रकार का होता है एक मोटा दाना और दूसरा छोटा दाना।

Types of Millets (मिलेट्स के प्रकार)

  1. ज्वार (Sorghum): ज्वार भारत में एक पॉपुलर मिलेट्स है और इसे अक्सर रोटी, डोसा, और चावल के रूप में खाया जाता है। यह फाइबर और प्रोटीन का अच्छा स्रोत होता है और यह ग्लूटन-फ्री होता है, जिससे ग्लूटन अलर्जी वाले लोग भी इसे सेवन कर सकते हैं।
  2. बाजरा (Pearl Millet): बाजरा उत्तर भारत में बड़े पैमाने पर खेती किया जाता है और यह विटामिन बी, फोलेट, और एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत होता है।
  3. रागी (Finger Millet): रागी को ‘मंडुआ’ या ‘नाचनी’ के नाम से भी जाना जाता है और यह उच्च प्रोटीन और कैल्शियम का स्रोत होता है। यह खासतर साउथ इंडिया में पसंद किया जाता है और दोसा, इडली, और रोटी के रूप में बनाया जाता है।
  4. कंगनी (Foxtail Millet): कोरा अच्छी तरह से पाचनीय होता है और यह फाइबर और विटामिन्स का अच्छा स्रोत होता है। यह स्वादिष्ट पुलाव और उपमा के रूप में खाया जा सकता है।
  5. कुटकी (Little Millet)
  6. हरी कँगनी (Browntop Millet)
  7. कोधरा (Kodo Millet)
  8. स्वांक या सांवा (Barnyard Millet)
  9. चीना (Proso Millet): इसे भी व्यापकता से खाया जा सकता है और यह विटामिन्स, मिनरल्स, और प्रोटीन का अच्छा स्रोत होता है।

क्यों खाना बंद हुआ मिलेट : भारत में 60 के दशक में मिलेट का उत्पादन कम हुआ और उसकी जगह भारतीयों की थाली में गेहूं और चावल सजा दिए गए। 1960 के दशक में हरित क्रांति के नाम पर भारत के परंपरागत भोजन को हटा दिया गया। गेहूं को बढ़ावा दिया गया जो एक प्रकार का मैदा ही है। मोटा अनाज खाना बंद कर देने से कई तरह के रोग के साथ ही देश में कुपोषण भी बढ़ा है।

कम पानी और खर्चे में उगता यह अनाज : मोटे अनाज की फसल को उगाने के फायदा यह है कि इसे ज्यादा पानी की जरूत नहीं होती है। यह पानी की कमी होने पर खराब भी नहीं होती है और ज्यादा बारिश होने पर भी इसे ज्यादा नुकसान नहीं होता है। मोटा अनाज की फसल खराब होने की स्थिति में भी पशुओं के चारे के काम आ सकती हैं। बाजरा और ज्वार जैसी फसलें बहुत कम मेहनत में तैयार हो जाती है। इसके साथ ही मोटे अनाज वाली फसलों में रसायनिक उर्वरक और कीटनाशकों का प्रयोग करने की जरूत भी नहीं होती है। इसी के साथ ही इन फसलों के अवशेष पशुओं के चारे के काम आते हैंइसलिए इनको धान की पराली की तरह जलाना नहीं पड़ता और पर्यावरण प्रदूषण से भी बचा जा सकता है।

Health Benefits of Millets (मिलेट्स के स्वास्थ्य लाभ)

  1. पौष्टिकता (Nutrient-Rich)
    मिलेट्स अनूपचारिक अनाजों में विटामिन, मिनरल्स, प्रोटीन, और फाइबर का अच्छा स्रोत होते हैं। ये हमारे शरीर को सभी महत्वपूर्ण पोषण तत्वों के लिए आवश्यक होते हैं और स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करते हैं। मिलेट्स में कैल्शियम, आयरन, जिंक, फास्फोरस, मैंग्नीशियम, पोटेशियम, फाइबर, विटामिन-बी-6, 3, कैरोटीन, लेसिथिन आदि तत्व होते हैं।
    मिलेट में केराटिन प्रोटीन कैल्शियम, आयरन और जिंक है जो बालों से संबंधित समस्याओं को दूर करते हैं।
  2. पाचन-तंत्र के लिए फायदेमंद (Digestion)
    मिलेट्स खाने से पाचन-तंत्र से जुड़ी कई समस्याएं दूर होती हैं। ये अनाज आसानी से पच जाते हैं और पेट में गैस, एसिडिटी, अपच और कब्ज की समस्या को दूर करते हैं। इसमें मौजूद फाइबर पेट को साफ रखता है और मल को सॉफ्ट बनाता है।
  3. वजन नियंत्रण (Weight Management) वजन कम करने में मददगार
    मिलेट्स का सेवन करने से वजन को नियंत्रित किया जा सकता है क्योंकि इसमें कैलोरी की मात्रा काफी कम होती है और फाइबर ज्यादा होता है जो भूख को कम करता है और लाइपिड्स की अवबद्धि में मदद करता है। ऐसे में इसके सेवन से वजन कम होने के साथ बैली फैट भी कम होता है। इसमें मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरकर रखते है। यह थायराइड, यूरिक एसिड, किडनी, लिवर, लिपिड रोग और अग्नाशय से संबंधित रोगों में लाभदायक है क्योंकि यह मेटाबोल्कि सिर्ड्रोंम दूर करने में सहायक हैं। ऐसे में इसके सेवन से वजन कम होने के साथ बैली फैट भी कम होता है।
  4. दिल के स्वास्थ्य (Heart Health) हार्ट के लए फायदेमंद
    मिलेट्स में गैलेक्सी ऑफ एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। इनमें सॉरगलेट (Sorghum) कम लाइपिड्स और कोलेस्ट्रॉल की भारी मात्रा में पाया जाता है, जिससे दिल की बीमारियों की रिस्क कम होता है। मिलेट शरीर को डीटॉक्सीफाई करते हैं, क्योंकि इसमें क्वेरसेटिन, करक्यूमिन, इलैजिक एसिड कैटिंस जैसे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। अगर आप भी अपने हार्ट को हेल्दी रखना चाहते है, तो डाइट में मिलेट्स को अवश्य शामिल करें। ऐसा करने से शरीर का बैड कोलेस्ट्रॉल कम होता है। इसके सेवन से हार्ट संबंधी बीमारियां जैसे हार्ट स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा भी कम होता है।
  5. मधुमेह प्रबंधन (Diabetes Management) डायबिटीज में फायदेमंद
    मिलेट्स ग्लूकोज की स्तर को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं और मधुमेह के रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। मिलेट टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज को रोकने में सक्षम है। मिलेट्स के सेवन से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रहता है। इसको खाने से डायबिटीज के मरीजों में ग्लूकोज लेवल कम होता है और डायबिटीज कंट्रोल रहती है। इसमें मौजूद फाइबर डायबिटीज में होने वाली समस्याओं को आसानी से कम करता है।
  6. कैंसर प्रतिरोधक (Cancer Fighter)
    बाजरे (Pearl Millet) में पाये जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स कैंसर के खिलाफ लड़ाई में मदद कर सकते हैं। मिलेट में एंटीऑक्सीडेंट तत्व होते हैं जो शरीर में फ्री रेडिकल्स के प्रभाव को कम करते हैं। यह त्वचा को जवां बनाए रखने में मददगार है।
  7. साँस व अस्थमा
    अस्थमा रोग में लाभदायक है मिलेट। बाजरा खाने से श्वास से संबंधि सभी रोग दूर होते हैं।
  8. रोगप्रतिरोधक (Immunity Booster)
    कोरोना के बाद मोटे अनाज इम्युनिटी बूस्टर के रूप में प्रतिष्ठित हुए हैं। इन्हें सुपरफूड कहा जाने लगा है।
  9. त्वचा को रखे ग्लोइंग (Skin Damage Control)
    मिलेट्स त्वचा को पोषण देने के साथ स्किन को ग्लोइंग बनाते हैं। इनके सेवन से टैनिंग की समस्या से बचाव होगा। ये स्किन को डैमेज होने से बचाते हैं। त्वचा को हेल्दी रखने के लिए डाइट में मिलेट्स को अवश्य शामिल करें।